Thursday, March 26, 2015

खुद से मोहब्बत करना सीख मेरे दोसत,

कहानियो मे पढा था इश्क अधूरा हे,
आज वक्त आजमाने लगा हे तेरे मेरे कीरदार मे!!!
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खुद से मोहब्बत करना सीख मेरे दोसत,
सब कुछ हे अगर वजूद हे खुद का ससार मे,
ये इश्क की बाते अब हमे मत सीखाओ,
कोन वक्त गुजारता किसी के ईतजार मे,
हम ने खुब शोक से देखा जमाना,
एक शतीर दिल हे नादान दिल के शिकार मे
दिल हे जो बेशक होगा कतल किसी मोड पर,
गुजरते जाओ बस नाम ना लीखा जाये गुनहगार मे!!!!
P@w@N.

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