Sunday, April 12, 2015

खुद से सवारी ज़िदगी को यू ना बिखरने देगे!!!!

खुद से सवारी ज़िदगी को यू ना बिखरने देगे,
दिल को इस कदर भी बेबसी पर ना उतरने देगे......
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मूशिक्ल हे अपना सफर ज़िदगी का,
पर चलेगे चाहे ये रास्ते कभी सभलने ना देगे

यादो का हर किस्सा भूलाकर चलेगे,
इस दिल मे कोई दर्द यू भी उभरने ना देगे,

कहानिया पढी हे आज के मोहब्बत की,
यकीन मानो यू खुद का कत्ल करने ना देगे

लेकर ना जाये हमे एक मुकाम पर,
इस दिल की धडकन को तब तक मरने ना देगे!!!
p@w@n

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