Wednesday, April 1, 2015

फ़ूल बन हमेशा खिलके रह,

फ़ूल बन हमेशा खिलके रह,
चल साथ सबके मिलके रह,
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मूशिक्ल हे आज कल वक्त बदलेगा
सिख कल से बस थोड़ा सभलके रह,
खुद को बेकीमत भी मत लूटा,
इतना तो अब यहा बदलके रह,
कल तेरे मुकम्मल वक्त आएगा,
ब्स इस मूशिक्ल से निकलके रह,
ज़िदगी नही तेरी जीत होगी,
तू बस हर पग कदम चलके रह..........!!!!
p@W@n

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