Thursday, August 27, 2015

वक्त ने वक्त रहते ही छला हे....!

वक्त ने वक्त रहते ही छला हे,
जो भी किया वो आज के लिए भला हे!!!
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गम खुशी दो पहलू हे ज़िदगी के,
एक से जुडकर एक बनता ज़िदगी का सीलसिला हे
खुश रहो जहा जेसे हो ज़िदगी से,
खुदा के शुक्रगुजार रहो जो कुछ मिला हे
ज़िदगी बडी हसीन हे जरा मुस्कुराए,
क्या रखते ज़िदगी के पड़ावो से खला हे
मजिल की कभी परवाह नही उसे,
जो राही रास्तो के हर दरमियान बस चला हे
p@W@n

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