Monday, February 20, 2017

ज़िदगी जी गयी पुरी होगी हर हसरत समझ कर !!

ज़िदगी जी गयी पुरी होगी हर हसरत समझ कर,
जो मिला यहा सब सही जो नही जाने दिया किस्मत समझ कर ,

आज भी जिसके नसीब हे हवाले रोटी नही ,
फिर मागा उसने कुछ तूझसे ही ,तुझे कूदरत समझ कर ,


ये यहा ऐसी ही ज़िदगी हे जनाब ,
जो मिल रहा हे उसे रख लो दिन की बरकत समझ कर ,

ज़िदजी एक नशा हे हो गया हो तो हो गया,
कुछ नही होगा फिर, जाम पी गया अगर तू शरबत समझ कर,

शोक जुनून अपने दरमियान हमेशा ले के चल,
यू ही जी हरदम ज़िदगी ,खुद को ज़िदगी की कूरबत समझ कर !!

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