Sunday, January 28, 2018

लिखा हुआ हर ल्फज़ तो गहरा हे

लिखा हुआ हर ल्फज़ तो गहरा हे
खवबो पर आज भी यहाँ पहरा हे

मेरे शहर की य़ही सच्चाई हे ,
मोहब्बत हे अगर तेरे सिर पर सहरा हे

ज़िन्दगी पूछने ज़रूर लगती हे ,
इस मोड पर पाया हुआ क्या तेरा हे

अंधेरो की ज़िन्दगी मे एक कदम ओर ,
उम्मीद ज़हा मिली वहा सवेरा हे ,

लिखने का शोक तुम भी रखो
चाहत मे अगर दिलो मे करना बसेरा हे

Pawan

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