Wednesday, June 21, 2017

कुछ नहीं बस ,सब क़सूर हे इस दिल अनजाने का ,
कैसे, इश्क़ करके जो सोच लिया तुमसे दूर जाने का !!!

तोल ले आज तू अपने इस इश्क के तराजू में ,
कल याद रख, तुझे अपने इश्क की ओकात बताउगा !!

काश बड़ी -२ ख्वाहिशो में जीकर होती इस बात की ,
कुछ नहीं ,जिंदगी सब मजदूरी ही तुम्हारी दिन-रात की !!


P@W@n

No comments:

Post a Comment